भारत समेत पूरी दुनिया इस समय कोरोना वायरस महामारी से जूझ रही है। देश-विदेश के वैज्ञानिक COVID-19 की वैक्सीन खोजने की पूरी कोशिश में लगे हुए हैं। इसी बीच आज योग गुरु बाबा रामदेव और उनके सहयोगी आचार्य बालकृष्ण ने कोरोना वायरस कीआयुर्वेदिक दवा ‘कोरोनिल’ लॉन्च कर दी है।
वहीं आयुष मंत्रालय ने मीडिया की खबर के आधार पर इस मामले को संज्ञान में लिया है। मंत्रालय का कहना है कि कंपनी की तरफ से जो दावा किया गया है उसके फैक्ट और साइंटिफिक स्टडी को लेकर मंत्रालय के पास जानकारी उपलब्ध नहीं करवायी गयी हैं।
आयुष मंत्रालय के तरफ से कहा गया है कि पतंजलि को नमूने के आकार, स्थान एवं उन अस्पतालों का ब्योरा देने को कहा गया है जहांरिसर्च किया गया । साथ ही, मंत्रालय ने विषय की जांच-पड़ताल होने तक कंपनी को इस औषधि का विज्ञापन भी बंद करने का आदेश दिया गया है।
इस बाबत पतंजलि के CEO आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि यह सरकार आयुर्वेद को प्रोत्साहन व गौरव देने वाली है जो communication gap था वह दूर हो गया है व Randomised Placebo Controlled Clinical Trials के जितने भी Standard Parameters हैं उन सबको 100% fullfill किया है इसकी सारी जानकारी हमने आयुष मंत्रालय को दे दी है।
मंगलवार को हरिद्वार में कोरोनिल के लाचिंग के दौरान बाबा रामदेव ने दावा किया कि 100 लोगों पर क्लिनिकल कंट्रोल ट्रायल की स्टडी की गई। 3 दिन के अंदर 69 फीसदी रोगी कोरोना से रिकवर हो गए। यह इतिहास की सबसे बड़ी घटना है. सात दिन के अंदर 100 फीसदी रोगी रिकवर हो गए। साथ ही उन्होने कहा कि हमारी दवाई का 100% रिकवरी रेट है और शून्य फीसदी डेथ रेट है।






