मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज पटना स्थित अधिवेशन भवन में आयोजित राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की 72वीं समीक्षा बैठक में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने संबोधित करते हुए कहा कि बिहार में बैंकों के प्रति बहुत अच्छी अवधारणा है, लोगों का इसके प्रति आकर्षण है. लोग अपनी सेविंग का अधिक से अधिक पैसा बैंकों में जमा करते हैं, जबकि हमारे राज्य के जमा पैसों को यहां के बैंक विकसित राज्यों में लगा देते हैं।
सीएम ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि बिहार में अधिक से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध हो और बिहार मे ही काम करने का अवसर मिले। इसमें बैंको की महत्वपूर्ण भूमिका हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि सुक्ष्म एवं लघु उद्योग इकाईयां,मुर्गीपालन हस्तशिल्प, हस्तकरघा, पशुपालन, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी बिहार में रोजगार सृजन की काफी संभावनाएं है।
मुख्यमंत्री ने बैंको से कहा कि MSME क्षेत्र को ज्यादा से ज्यादा ऋण उपलब्ध करने की आवश्यकता है इसे देखते हुए लक्ष्य को बढ़ाया जाए। नए उघोगों विशेषकर लघु तथा सुक्ष्म उघोगों को लगाने में एवं उसे बढ़ावा देने में बैंक अपना पूरा सहयोग दे।
इसे भी पढ़़े़े़े- CM नीतीश ने कहा कोरोना के साथ बाढ़ से भी लड़नें को रहना हाेगा तैयार,जानिए क्या है प्लान…..
सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि बैंक जीविका को दिये जाने वाले 1 से 5 लाख तक के ऋण को बढ़ाकर 3 से 10 लाख रूपये करें। आगे उन्होंने कहा कि राज्य में रोजगार सृजन की आवश्यकताओं को देखते हुये बिहार में बैंक अपने कैश डिपोजिट राशियों एवं एनुअल क्रेडिट प्लान को बढ़ायें।
सीएम ने कहा कि कि राज्य के सभी लोगों का बैंक अकाउंट खुलवाया जाए इसके लिए विशेष ध्यान देने की आवश्यकता हैं। राज्य के 8386 ग्राम पंचायतों में बैंक शाखा खोलने की जरूरत है। सभी पंचायतो में नई बैंक शाखा खोलने के लिये पंचायत सरकार भवनों के साथ-साथ अन्य सरकारी भवनों में जगह उपलब्ध करायी जायेगी।






