मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सचिवालय से शनिवार को वीडियो कन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संभावित बाढ़ पूर्व तैयारियों की लगातार पांच घंटे तक समीक्षा की और कई निर्देश दिए। उन्होंने संभावित बाढ़ से बचाव की सारी तैयारियां पहले से ही रखने का निर्देश दिया है।
सीएम नीतीश ने कहा कि बाढ़ प्रभावित के लिए इस बार ज्यादा संख्या में बाढ़ राहत केंद्र स्थापित करनें होंगे । कोरोना संक्रमण के कारण बाढ़ प्रभावित को रखने में सोशल डिस्टेंशिंग का पूरा ख्याल रखना होगा।
साथ ही उन्होंने कहा कि इन आपदा राहत केन्द्रों पर लोगों के लिए चिकित्सा की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित कराएं। सभी केंद्रों पर मेडिकल स्क्रीनिंग की भी व्यवस्था रखें। साथ ही उन्होंने यह भी निर्देश दिया है कि कोरोनां संक्रमितों के लिए चलाए जा रहे आइसोलेशन केन्द्रों की भी संख्या बढ़ाने की आवश्यकता हैं।
बैठक में आपदा प्रबंधन के आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने बाढ़ पूर्व तैयारियों को लेकर विस्तृत प्रस्तुतीकरण मुख्यमंत्री के समक्ष दिया । साथ ही राज्य के सभी जिलाअधिकारियों ने भी संभावित बाढ़ की स्थिति में की गई तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी।
मधेपुरा के DM नवदीप शुक्ला ने भी जिले में बाढ़ से निपटने की तैयारी को लेकर तथा बाढ़ आपदा केंद्र बनाने सहित कई महत्वपूर्ण तैयारियों के बारे में जानकारी मुख्यमंत्री को दिया। साथ ही मधेपुरा में कोरोना के वर्तमान स्थिति से भी अवगत करवाया ।
बैठक में उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी, ऊर्जा मंत्री विजेंद्र यादव, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे सहित अन्य मंत्री सहित कई अधिकारी उपस्थित थे।






