देश भर में कोरोना वायरस के तेजी से बढ़ रहे मामले को देखते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने विश्वविद्यालयों की अंतिम सेमेस्टर/वर्ष की परीक्षाओं को लेकर सोमवार को नई गाइडलाइन जारी कर दी हैं।
कोरोना संकट की वजह से अभी तक विश्वविद्यालयों को परीक्षा आयोजित करने की अनुमति नहीं थी। लेकिन गृह मंत्रालय ने उच्च शिक्षा सचिव को पत्र लिखकर अंतिम वर्ष की परीक्षा आयोजन करने को मंजूरी दे दी है।
बयान में कहा गया है कि UGC के गाइडलाइन के अनुसार ही शिक्षण सत्र के अंत में अंतिम वर्ष की परीक्षा अनिवार्य है जिसे आयोजित कराने के निर्देश देते हैं, ऐसे में स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना महामारी को लेकर जो नियम (SOP) जारी किए हैं उनका पालन करते हुए परीक्षा आयोजित की जा सकती है।
मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने ट्वीट के द्वारा गाइडलाइन जारी की है । नये दिशानिर्देश के मुताबिक अंतिम वर्ष के छात्रों का मूल्यांकन जो जुलाई के महीने में परीक्षाओं के माध्यम से किया जाना था, अब उनकी परीक्षाएं सितंबर -2020 के अंत तक आयोजित की जाएंगी। आयोग के तरफ से कहा गया है कि परीक्षा ऑनलाइन या ऑफलाइन किसी भी मोड में ली जा सकती हैं।
इन राज्यों ने सभी प्रकार की परीक्षाएं पहले ही कर रद्द कर दी हैं
कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते प्रकोप को लेकर महाराष्ट्र,हरियाणा,ओडिशा,मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों ने सभी उच्च शिक्षा परीक्षाओं को रद्द कर पिछले प्रदर्शनों के आधार पर ही छात्रों को प्रमोट करने का फैसला ले चुका हैं।
अब गुजरात तथा राजस्थान सरकार ने भी सभी विश्वविद्यालयों की परीक्षा रद्द कर छात्रों को पिछले परफार्मेंस के आधार पर पास करने को फैसला लिया हैं ।
छात्र लगातार कर रहे थे परीक्षा रद्द करने की मांग
देशभर में फैले कोरोना वायरस के महामारी के कारण स्टूडेंट्स लगातार परीक्षाएं कैंसिल करने का अनुरोध कर रहे थे। JEE Mains, NEET, CTET जैसी बड़ी परीक्षाओं के कैंसिल हो जाने से उन्हें यूनिवर्सिटी परीक्षा भी रद्द हो जाने की पूरी उम्मीद थी लेकिन अब उन्हें मायूसी हाथ लगी है। कोरोना संकट में भी अब परीक्षा देना आवश्यक हो गया हैं।






