कोरोना के डेल्टा प्लस वेरिएंट को लेकर सरकार और स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। साथ ही कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए तैयारी की जा रही है। बावजूद लोग गंभीर नहीं हो रहे। शहर, सड़क व स्टेशन पर लोगों की भीड़ यही जता रही है। लोग लापरवाह बने हैं। बिना मास्क घर से बाहर निकल रहे हैं। शारीरिक दूरी का मानक हर कदम पर टूट रहा है। कोरोना गाइडलाइन की धज्जियां उड़ रही है।
कोरोना की तीसरी लहर से लड़ने के लिए विभाग की तैयारियां जारी है। सरकार के निर्देश पर सभी आवश्यक संसाधन जुटाए जा रहे हैं। कोरोना के तीसरी लहर के पहले सरकार लोगों को टिका लगाने के लिए ठोस पहल कर रही है। वहीं स्वास्थ्य कर्मियों को मानसिक रूप से तैयार रहने के साथ ही लोगों को भी जागरूक होने की जरूरत है। दरअसल, चिकित्सकों, विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों को आशंका है कि तीसरी लहर बच्चों को काफी हद तक प्रभावित कर सकती है। ऐसे में बच्चों के पेरेंट्स व अभिभावकों को सचेत रहने की जरूरत है।
बता दें कि कोरोना के केस थमने के बाद लोग फिर से मास्क और सोशल डिस्टनसिंग का पालन करना भूल गए हैं। शुक्रवार के सुबह मुरलीगंज रेलवे स्टेशन पर लोगों की भीड़ देखी गई। लोग टिकट कटाने के लिए एक दूसरे से सटे हुए लाइन में लगे हुए थे। वहीं स्टेशन पर घूम रहे लगभग यात्रियों ने ना तो मास्क पहना हुआ था ना ही सोशल डिस्टनसिंग का पालन करते नजर आ रहे थे। जहाँ सरकार तीसरी लहर से लड़ने के लिए सारी तैयारियां कर रहे वहीं लोगों का इस तरह से लापरवाही बरतना फिर से कोरोना को आमंत्रित कर रहा है।






