कोरोनावायरस का प्रसार रोकने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन को बढ़ाकर 31 मई तक कर दिया गया है. लॉकडाउन को बढ़ाए जाने के बाद बिहार के गृह विभाग की तरफ से गाइड लाइन जारी कर दिया गया है.
गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने जो आदेश जारी किए गए हैं इनमें सभी कंटेनमेंट जोन में भारत सरकार के द्वारा लगाये गये सभी प्रतिबंध यथावत लागू रहेंगे. वहीं, सभी कंटेनमेंट जोन एवं सभी प्रखंड मुख्यालय के रेड जोन को छोड़कर राज्य के सभी शेष क्षेत्र एक समान समझे जायेंगे.
सूबे के सभी प्रखंड मुख्यालयों में बाहर से आ रहे मजदूरों को रखा जा रहा है. लिहाजा सभी प्रखंड मुख्यालयों में संक्रमण का खतरा है. बिहार के सभी प्रखंड मुख्यालयों को रेड जोन घोषित कर दिया गया है. रेड जोन में वे तमाम बंदिशें लागू होंगी जिसे सरकार पहले ही लगा चुकी है. यानि वहां सिर्फ बेहद जरूरी सामानों की दुकानें खुलेंगी.बिहार सरकार ने सभी कंटेनमेंट जोन में वो तमाम बंदिशें जारी रखी हैं जो पहले से लगायी गयी थीं.
बिहार सरकार के गाइडलाइंस की मत्वपूर्ण बिंदु
सभी प्रकार की उपभोक्ता वस्तुओं, कपड़ों की दुकानें तथा रेडीमेड वस्त्र दुकानों को नियंत्रित ढंग से खोला जाएगा. यह ध्यान रखना जरुरी होगा कि अत्यधिक भीड़ न हो.
किराये के बसों का परिचालन जिला के अंदर तथा बाहर पूरी तरीके से बंद रहेगा. इसके अतिरिक्त गाड़ियों तथा व्यक्तियों का अंतर जिला या जिला के अंदर परिचालन भी प्रतिबंधित रहेगा
ऑटो रिक्शा के परिचालन के संबंध में परिवहन विभाग अलग से समुचित आदेश निर्गत करेगा.
किसी एक बाजार पर स्थित अनेक दुकानों को बारी-बारी से सप्ताह के अलग-अलग दिन या अलग-अलग समय पर खोलने का आदेश जिले के DM वहाँ की स्तिथि को देखकर जारी करेंगे.
ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिया गया है कि आवश्यक सामग्री की खरीदारी अपने आसपास के दुकानों से ही करें उसे दूर जाकर समानों की खरीदारी करने की अनुमति नहीं है.
प्राइवेट संस्थाओं के व्यवसायिक कार्यलयों भी खुलेंगे लेकिन उसमे 33 प्रतिशत कर्मियों के साथ ही खोलने की अनुमति होगी.






