कोरोनावायरस के महामारी के कारण पिछले दो महीने से भी अधिक समय से बंद स्कूूल, कॉलेज सहित सभी शिक्षण संस्थानों को बिहार सरकार के तरफ से खोलने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
भारत सरकार द्वारा जारी हुए गाइडलाईन के अनुसार शिक्षण संस्थान को खोलने का फैसला छात्र,अभिभावक ,शिक्षक और विद्यालय प्रबंधन के फीडबैक के आधार पर लिया जाएगा। जिसके बाद शिक्षा विभाग ने छात्रों और अभिभावकों से 10 बिन्दुओं पर उनका परामर्श मांगा है। उसी आधार पर स्कूल-कॉलेज को खोलने का फैसला लिया जाएगा ।
शिक्षा विभाग ने DEO को दिया परामर्श लेने का कार्य
माध्यमिक शिक्षा निदेशक गिरिवर दयाल ने सभी DEO को पत्र जारी कर कहा है सभी अपने जिले से परामर्श लेने के लिए अपना वॉट्सऐप और ईमेल आईडी सार्वजनिक करें ताकि अधिक से अधिक सुझाव मिल सके। पत्र में बिंदुवार 10 प्रश्न छात्र,अभिभावक ,शिक्षक और विद्यालय प्रबंधन से पूछकर तथा उनसे मिले सूझावों को सभी डीईओ 7 जून तक रिपोर्ट तैयार कर विभाग को सौंपने का भी निर्देश दिया है।
इन 10 बिन्दुओं पर मांगा गया है सुझाव
विद्यालय/संस्थान को किस तिथि से खोला जाए । कक्षाओं में नामांकन कब से प्रारंभ किया जाए। विद्यालय के संचालन का अवधि क्या हो ? कक्षा का संचालन कितने बच्चों के साथ किया जाए। कक्षा का संचालन अधिकतम कितने बच्चों के साथ किया जाए? कक्षा की अवधि (घण्टी) क्या हो ? कक्षा में बैठने की व्यवस्था कैसी हो ? प्रार्थना सत्र का संचालन किया जाए या नहीं। विद्यालय में प्रवेश और निकास की व्यवस्था कैसी हो ? विद्यालय /कक्षा में Social distancing कैसे लागू किया जाए ? इन सब के अलावा कोई अन्य बिंदु हो तो उसपे भी सुझाव दिया जा सकता है ।
साथ ही शिक्षा विभाग ने पत्र में कहा है कि अनलॉक फेज 2 में सभी शैक्षणिक संस्थानों जैसे स्कूल-काॅलेज, प्रशिक्षण संस्थान,कोचिंग खोले जाने का निर्देश प्राप्त होनेवाला है। ऐसे में कोरोना संक्रमण के बीच पूरी शैक्षणिक व्यवस्था कैसे संचालित किया जाए इस पर सबका परामर्श लेने की आवश्यकता है।
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