मुरलीगंज प्रखंड क्षेत्र स्थित केपी महाविद्यालय में बुधवार को नालंदा खुला विश्वविद्यालय के अध्ययन केंद्र का उद्घाटन किया गया। केंद्र का उद्घाटन करते हुए नालंदा खुला विश्वविद्यालय, पटना के कुलसचिव डॉ घनश्याम राय ने कहा कि स्थापना काल से ही यह विश्वविद्यालय देश का एक अग्रणी संस्थान है। उन्होंने बताया कि सभी वर्गों में शिक्षा की अलख जगी है। सुदूर क्षेत्रों तक ज्ञान की ज्योति पहुंच रही है। वैसे लोग जो किसी कारणवश औपचारिक डिग्री प्राप्त नहीं कर पाते हैं, एनओयू उनके लिए वरदान की तरह है। उन्होंने कहा कि आज ससमय नामांकन, ससमय परीक्षा एवं ससमय परीक्षाफल जारी करना इस विश्वविद्यालय की पहचान बन गई है। यहां 105 विषयों की पढ़ाई होती है। इसमें इंटर, स्नातक, स्नातकोत्तर सहित अन्य रोजगारपरक एवं समाजोपयोगी कोर्स भी है। इधर कुछ दिनों से इसका काफी विस्तार हो रहा है। हाल के समय में अनेक अध्ययन केंद्र खुले हैं। उन्होंने बताया कि छात्राओं को नामांकन शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट का प्रावधान है। नामांकन की अंतिम तिथि 31 जनवरी तक निर्धारित है। और असीमित सीट है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रधानाचार्य डाॅ. जवाहर पासवान ने बताया कि महाविद्यालय में पहले से ही इग्नू का अध्ययन केंद्र संचालित हो रहा है। आगे एनओयू के अध्ययन केंद्र के शुभारंभ होने से स्थानीय विद्यार्थियों को अधिकाधिक अवसर मिल सकेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह अध्ययन केंद्र बिहार का अग्रणी केंद्र बनेगा।
मुख्य अतिथि बीएनएमयू, मधेपुरा के उप कुलसचिव डॉ. सुधांशु शेखर ने कहा कि केपी महाविद्यालय में विकास की अपार संभावनाएं हैं। इसके चहुमुखी विकास में विश्वविद्यालय स्तर से भी हरसंभव सहयोग मिलेगा।

संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर प्रतीक कुमार ने की और धन्यवाद ज्ञापन डाॅ. राजीव कुमार जोशी ने किया। इसके पूर्व अतिथियों ने महाविद्यालय के संस्थापक कमलेश्वरी प्रसाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि की। कार्यक्रम की शुरूआत अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अतिथियों का अंगवस्त्रम, पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया। एनसीसी कैडेट्स ने अतिथियों की अगुवानी की।
इस अवसर पर महेंद्र मंडल, डाॅ. सज्जाद अख्तर, डॉ. सदय कुमार कुमार, डाॅ. चंद्रशेखर आजाद, डाॅ. त्रिदेव निराला, डाॅ. शिवा शर्मा, डॉ. पंकज कुमार, डॉ. सुशांत सिंह, डाॅ. अली अहमद मंसूरी, डाॅ. प्रभाकर कुमार, डॉ. प्रीति कुमारी, डॉ. दीपा कुमारी, डॉ. रितु रत्नम डॉ. सिकंदर कुमार, डॉ. अमित रंजन, डॉ. अरुण कुमार, डॉ. बरदराज, डॉ. राघवेंद्र, डॉ. रितु रत्नम, डॉ. दीपा कुमारी, प्रधान सहायक नीरज निराला, लेखापाल देवाशीष, राजीव, सूरज, सिंटू, अशोक, महेश आदि उपस्थित थे।
वहीं कुलसचिव ने महाविद्यालय का निरीक्षण किया और इस अध्ययन केंद्र के लिए उपयुक्त पाते हुए तत्काल इसे कोड 264 आवंटित किया।






