फिसड्डी साबित हुआ मुरलीगंज अंचल, कामकाज के आधार पर जारी रैंकिंग में मिला 358 वां स्थान

कामकाज के आधार पर राज्य भर के अंचलों की रैंकिंग की गई है। इस रैंकिंग में मुरलीगंज अंचल को 358 वां स्थान प्राप्त हुआ है। दरअसल, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भू-अभिलेख के डिजिटलीकरण और कामकाज के आधार पर जारी की गई रैंकिंग में अंचलों की रैंकिंग निर्धारित की है। ऑनलाइन भू-लगान दाखिल-खारिज और कामकाज के आधार पर विभाग हर महीने सूबे के सभी 534 अंचलों की सूची जारी करता है। इसके तहत नवम्बर की रैंकिंग जारी की गई है। राज्य सरकार अंचल के कामकाज का हर माह मूल्यांकन कर रही है। मूल्यांकन का कार्य भू राजस्व विभाग द्वारा किए गए ऑनलाइन सेवाओं के माध्यम से किया जा रहा है। इसके तहत शिकायतों का निपटारा, दाखिल-खारिज, भू-लगान, जमाबंदी आदि पर वेटेज दिए जाते हैं, कुल वेटेज जोड़ के आधार पर रैंकिंग तय की जाती है। वहीं आंकड़ो के अनुसार मुरलीगंज में कुल 1185 दाखिल खारिज के पेंडिंग केस हैं। जिसमें एक साल से अधिक समय से 294 केस पेंडिंग है। जबकि 06 माह से 891 केस पेंडिंग है। इस बात से सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि मुरलीगंज में ऑनलाइन भू-लगान, दाखिल-खारिज और अन्य राजस्व एवं भूमि संबंधित कामकाज कितनी कम गति से चल रही है। लोगों की मानें तो दाखिल खारिज एवं अन्य कार्यों के लिए कचहरी से लेकर ब्लॉक तक चक्कर लगाना आम बात है।

कर्मचारियों की संख्या कम रहने के वजह से कार्य में परेशानी आ रही थी, जिला से भी सुधार करने हेतु निर्देश मिला है। नए कर्मचारियों के आने से काम मे तेजी आएगी।

विजय प्रताप सिंह, राजस्व अधिकारी, मुरलीगंज

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