बिहार में कोरोनावायरस के संक्रमण के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा हैं। राज्य के सभी 38 जिले इस वायरस के चपेट मे हैं। अब तक कुल 3276 लोग बिहार में संक्रमित हो चुके हैं । लेकिन अच्छी बात ये है कि 1209 मरीज कोरोना से ठीक भी हुए हैं।
आज मधेपुरा से भी खुशी की खबर आयी है। जिले के 27 मरीज कोरोना से जंग जीतकर ठीक हो गया है। आज सभी को JNKTMCH मधेपुरा से डिस्चार्ज कर घर भेज दिया गया । इनमें मुरलीगंज का भी एक छात्र शामिल हैं।
मुरलीगंज प्रखंड के लोगों के लिए और भी ज्यादा अच्छा खबर है कि मुरलीगंज अब कोरोना मुक्त हो गया हैं । कोरोना से जंग जीत कर मीरगंज के पॉजिटिव मरीज शुक्रवार को स्वस्थ होकर घर लौटे। उसेे अब होम क्वॉरेंटाइन पर रखा गया हैं।
ज्ञात हो कि 16 मई को मुरलीगंज प्रखंड के जोरगामा पंचायत में एक छात्र में कोरोना वायरस पाए जाने के बाद उसका ईलाज जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, मधेपुरा के आइसोलेशन वार्ड में चल रहा था। कोरोना के लगातार दो रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद शुक्रवार को उसे घर भेज दिया गया ।
विदित हो कि छात्र महाराष्ट्र के मदरसा में रहकर पढ़ता था। 6 मई को वह स्पेशल ट्रेन से गृह जिला पहुँचा, वहाँ से छात्र को होम क्वारंटाइन का मोहर लगाकर घर भेज दिया गया। इसी दौरान इसके साथ आए अन्य छात्रों के कोरोना संक्रमित की पुष्टि होने के बाद इन्हें भी क्वारंटाइन सेंटर में रखा गया था। 16 मई को छात्र में कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद इसका इलाज मधेपुरा में चल रहा था।
वहीं छात्र के घर आगमन के बाद परिवार व मोहल्ले वालों में खुशी थी। एम्बुलेंस से उतरने के बाद उनपर फूल बरसा कर घर लाया गया।
कोरोना मुक्त होने से मुरलीगंज के लोगों को ज्यादा खुश नहीं होना चाहिए। ये वायरस कभी भी कहीं भी दस्तक दे सकता है। हमें सावधानी खुद ही बरतनी चाहिए । साथ ही प्रवासी मजदूरों का बिहार आना लगातार जारी है, जिससे पूरे बिहार में संक्रमण दर बहुत तेजी से बढा हैं । इसलिए हमें खुद ही सतर्क रहना होगा ।






