गर्मी का मौसम शुरू होते ही पूरे मधेपुरा जिले में बिजली की आंख मिचौली से लोग परेशान होने लगे हैं। जैसे-जैसे गर्मी का पारा ऊपर चढ़ता गया, शहरों और गांवों में अघोषित बिजली कटौती बढ़ती गई। इस उमस भरी गर्मी में बिजली कटने से लोगों का जीना और मुहाल हो गया हैं।
मुरलीगंज शहर के साथ साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों जैसे जोरगामा, मीरगंज आदि जगह सबसे ज्यादा बिजली की किल्लत से जूझ रहा है। यहां के स्थानीय लोगों ने बताया कि विद्युत कटौती संबंधित जानकारी लेने की कोशिश भी की जाती है तो फोन नहीं लगता है। अगर कभी कभार बात भी हो जाए तो बताते है कि लोड बढने से फाल्ट की समस्या आ जाती है। जल्द ही आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी ।साथ ही यह कह के बात को टाल देते है कि उपर से ही पावर कट है।
मुरलीगंज में बेतहाशा विद्युत कटौती से इस उमस भरी गर्मी से लोग परेशान हो रहे हैं। लोगों को गर्मी में कही भी आराम नहीं मिल रहा है। अंदर रहे तो गर्मी से बेहाल, बाहर रहे तो लू लगने का डर। बिजली कितनी देर गुल रहेगी कोई नहीं जानता। जब थोड़ी देर के लिए बिजली आती है तो लोग राहत महसूस करते है और अचानक बिजली फिर चली जाती है।
इस भीषण गर्मी में बिजली कटौती ने लोगों का जीना हराम कर दिया है। बिजली कटौती का कोई समय ही निर्धारित नहीं है। विद्युत विभाग मनमाने तरीके से विद्युत कटौती कर रहा रहा है। दिन में तो कटौती हो ही रही है रात में भी कटौती किए जाने से लोगों की परेशानी और भी बढ़ गई है। एक तरफ उमस भरी गर्मी दूसरी ओर बेतहाशा विद्युत कटौती से लोगों का जीना दुश्वार हो गया है।
बता दे कि बीते तीन-चार दिनों से उमस वाली भीषण गर्मी है । बताया जा रहा है कि इसी कारण लोड बढ़ते ही लोकल फॉल्ट हो जाती है, जिससे बिजली आपूर्ति प्रभावित हो रही है। लेकिन सवाल यह है कि हमेशा कुछ दिनों पर दिन भर मेंटनेंस के नाम पर बिजली आपूर्ति बंद की जाती है। इसके बावजूद लोकल फॉल्ट की समस्या दूर क्यों नहीं हो पा रही है।
बता दे कि मुरलीगंज सहित ग्रामीण क्षेत्रों में 10 घंटे भी बिजली नही मिल पा रही है। बीते बुधवार को शाम से रात 1 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद थी । गुरूवार को भी लगभग दिन भर कही जंफर टूटने तो कही स्विच चलने की समस्या को दुर करने के लिए बार बार शटडाउन लेना पड़ा और रात भर बिजली लुका-छिपी खेलती रही ।
शुक्रवार सुबह 10 बजे तक जीतापुर और कुमारखंड फीडर में बिजली आपूर्ति बहाल नही हो पाया । सिर्फ मुरलीगंज शहर में बिजली बहाल हो पायी । ग्रामीण क्षेत्र के लोग बस मेंटेनेस मेंटेनेस सुन के थक चुके है। बिजली विभाग भले ही कितना भी दावा कर ले सच तो यही है कि गर्मी आते ही या थोड़ा भी बारिश होने पर सभी दावो की हवा निकल जाती है ।






