भाकपा माले के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को विभिन्न मांगों को लेकर मुरलीगंज प्रखंड सह अंचल कार्यालय में रोषपूर्ण प्रदर्शन किया। इनलोगों की मुख्य मांगे जर्जर व जानलेवा बनी एनएच 107 का शीघ्र निर्माण करने, सबको राशन, राशि एवं रोजगार देने, जोरगामा पंचायत के पर्चा धारियों को जमीन का रशीद देने व अवैध बिक्री रोकने को लेकर थी।
भाकपा के अंचल मंत्री अनिल भारती के अध्यक्षता में आयोजित धरना को संबोधित करते हुए भाकपा के राष्ट्रीय परिषद के सदस्य प्रमोद प्रभाकर ने कहा कि कोरोना संकट के समाधान करने में केंद्र व राज्य की सरकार पूरी तरह विफल रही है। सरकार आम लोगों को संकट में छोड़कर, भाजपा-जदयू चुनाव कार्यों में व्यस्त हो गई है।
उन्होंने आगे कहा कि सूबे में क्वारंटाइन सेंटर को बंद कर दिया गया परंतु क्वारंटाइन सेंटर से लौट रहे प्रवासी मजदूर एवं अन्य को घोषित ₹2000 अब तक किसी को नहीं मिला है। राज्य में प्रवासी मजदूरों को काम नहीं मिल रहा है इसलिए फिर से बड़ी संख्या में मजदूर रोजगार के लिए दूसरे राज्य पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं।
इसके साथ ही उन्होने कहा कि आयकर के दायरे से बाहर सभी लोगों को अगले छह माह तक 10-10 किलो अनाज एवं ₹10000 गुजारा भत्ता योग्यता के अनुसार देने का सरकार काम करें।
वहीं बिहार राज्य किसान सभा के सचिव रमण कुमार ने पंचायत ने कहा एवं प्रखंड स्तर पर क्रय केंद्र खोल कर समर्थन मूल्य पर मक्का खरीद सुनिश्चित करें। साथ हीं उन्होंने मांग किया कि सरकार किसानों की केसीसी ऋण माफ करें।
वहीं भाजपा के अंचल मंत्री अनिल भारती ने कहा कि भूमिहीनों, दलितों, महादलितों पर हो रहे अत्याचार सरकार बंद करें।उन्होंने कहा कि सरकारी पोखर के महार पर बसे भूमिहीनों के झोपड़ी उजाड़ने से पहले बासगीत पर्चा देकर उसे पुनरवासित की जाय।
धरना कार्यक्रम में भाकपा के युवा नेता मो. सिराज, वरीय नेता मोहन सिंह, बैजनाथ प्रसाद साह, विष्णुदेव मेहता, नित्यानंद यादव, ई संजय कुमार, वीरनारायण चौधरी, उमाशंकर मुन्ना, दशरथ रस्तोगी, शिवजी साह सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित थे।






