मंगलवार को कैबिनैट की बैठक में नीतीश सरकार ने कुल 28 प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इन सबमें बड़ा फायदा नियोजित शिक्षकों को हुआ है। कोरोना काल में ही नियोजित शिक्षकों की सेवा शर्त नियमावली को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 15 अगस्त को ही नियोजित शिक्षकों के लिए नियमावली एवं सेवा शर्त की घोषणा की थी। जिसके बाद आज कैबिनेट की बैठक में इसपर मुहर लगा दी गई।
प्रदेश के नियोजित शिक्षकों की अधिक समय से लंबित मांगों में से अधिकतर मांगों को मान लिया गया है। सरकार के इस फैसले से करीब 3.75 लाख शिक्षकों को सीधा फायदा मिलने वाला है। अब नियोजित शिक्षक स्थानान्तरण, प्रमोशन समेत अन्य तरह की सुविधा का लाभ मिलेगा।
शिक्षक इस नियमावली एवं सेवा शर्त के लागु होने के साथ ही बिहार के किसी भी जिले के किसी भी कोने में ट्रांसफर ले सकेंगे। शिक्षकों को संयुक्त सीमित परीक्षा के माध्यम से प्रमोशन भी मिलेगा और अगर सेवाकाल में उनकी मृत्यु हो जाती है तो आश्रित को अनुकंपा के आधार पर नौकरी भी मिलेगी।
इसके साथ ही बिहार सरकार ने शिक्षकों को चुनावी तोहफा देते हुए वेतन में भी 22 फीसदी तक का बढ़ोतरी कर दिया है, जिसका लाभ एक अप्रैल 2021 से मिलेगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार वेतन वृद्धि 15 से 22 प्रतिशत तक की गई है, जिसमें वरिष्ठता के आधार पर निर्णय किया जाएगा। इसके अलावा शिक्षकों को मिलने वाले लाभ में ईपीएफ के तौर पर 12 फीसदी का अंश सरकार भी देगी।






