ऐसा पहली बार होगा जब जनता स्वयं अपने पसंद के नगर पंचायत अध्यक्ष व उपाध्यक्ष को वोट करके चयन करेंगे। पहली बार जनता की सीधी भागीदारी होगी और मतदान से शहर का ताज किसी के सिर सजेगा। वहीं चुनाव को लेकर शहर के लोगों में उत्सुकता बढ़ गई है। चुनाव के तिथि की नजदीक आने के साथ ही शहर की राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है। मुरलीगंज में नगर निकाय चुनाव को लेकर जैसे ही 28 दिसंबर की तिथि नजदीक आने लगी है, वैसे ही सभी प्रत्याशियों ने अपना शत-प्रतिशत ताकत जनता को रिझाने में झोंक दिया है। बता दें कि मुरलीगंज में 28 दिसंबर को एक मुख्य पार्षद, उपमुख्य पार्षद व 15 वार्ड पार्षद के लिए चुनाव होना है। इसको लेकर जहां निर्वाचन आयोग की टीम व जिला प्रशासन लगातार अपनी तैयारियों को मुकम्मल रूप में अंतिम स्वरूप देने में जुटी हुई है। वही प्रत्याशियों ने भी जनता को रिझाने में कोई कसर नहीं छोड़ रखा है, जहां एक तरफ प्रचार गाड़ियां गली-गली में विभिन्न प्रत्याशियों के चुनाव चिन्हों का शोर मचा रही है । वहीं प्रत्याशी भी लगातार जनसंपर्क अभियान चलाकर वोटरों को रिझाने में लगे हुए हैं।
जनता को रिझाने में लगे प्रत्याशी:
मुख्य पार्षद पद पर जहां कुछ प्रत्याशी अपने पुराने किए गए कार्यों को लेकर जनता से आशीर्वाद मांग रहे हैं, तो कई प्रत्याशी पुराने कार्यकाल को भ्रष्टाचारियों का कार्यकाल बता रहे हैं। वह कह रहे हैं कि जहां उसका घर और शौचालय सहित विभिन्न बुनियादी सुविधाएं आज नगर पंचायत क्षेत्र के सैकड़ों घरों में नहीं है, जो कि 10 साल पहले होना चाहिए था। आज भी नगर क्षेत्र की हजारों जनता बुनियादी सुविधाओं से महरूम हैं। दर्जनों मोहल्ले ऐसे हैं, जहां पर विकास की किरण नहीं पहुंची हैं। वहां पर हम विकास का झंडा बुलंद करेंगे।
ठेठी भाषा में भी हो रहा चुनाव प्रचार
वहीं अब प्रत्याशी हिंदी भाषा के साथ साथ ठेठ व मैथिली भाषा में भी चुनाव प्रचार कर रहे हैं। प्रत्याशी मतदाताओं को चाचा, चाची, बाबा, मामा, भैया, भाभी कह कर संबोधित करते हुए अपने जीत के लिए वोट मांग रहे हैं। वहीं जीत कर आने पर क्या-क्या काम करेंगे इसका लिस्ट भी उनको पर्चा के माध्यम से हाथ में थमा रहे हैं।
त्रिकोणीय मुकाबला होने का लगाया जा रहा है अनुमान:
शहर के लोगों में चेयरमैन पद पर त्रिकोणीय मुकाबला होने का अनुमान लगाया जा रहा है। हर तरफ अभी सिर्फ तीन उम्मीदवारों के बीच ही टक्कर होने की चर्चा हो रही है। शहर के गलियारों में लोग मुरलीगंज की राजनीति पर खूब चर्चे कर रहे हैं। हालांकि 30 दिसम्बर को ही पता चल पाएगा कि किसके सर चेयरमैन पद का ताज रहेगा।
जातीय समीकरण पर दिया जा रहा हैं जोड़ :
चुनावी मैदान में आने वाले नए चेहरे अपने अपने वार्डो में जातीय समीकरण को साधने में लग गए हैं। वार्ड में जिस जाति के अधिक वोटरों की संख्या हैं। उसमें वोटरों को प्रलोभन व सपने दिखाकर अपना दावेदारी पेस कर रहें हैं। दिन रात प्रत्यासी टोला व मुहल्ले का चक्कर लगाकर जनसंपर्क कर रहे हैं।






