डेस्क : कोरोना संकट के कारण पूरे देश में लागू लॉकडाउन के बीच भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर कई बड़े ऐलान किए। आरबीआई गवर्नर ने लोगों को सबसे बड़ी राहत लोन मोरैटोरियम की अवधि 3 महीने अर्थात 31 अगस्त तक बढ़ाकर दी है।
जानिए गवर्नर शक्तिकांत दास की प्रेस कॉन्फ्रेंस की बड़ी बातें :-
भारतीय रिजर्व बैंक ने सभी तरह के टर्म लोन पर मोराटोरियम पीरियड की अवधि तीन महीनों के लिए और बढ़ा दी है। अब जून से लेकर अगस्त तक पर्सनल लोन, होम लोन, ऑटो लोन और क्रेडिट कार्ड के बिल आदि सभी प्रकार के लोन पर पर 3 और महीनों के लिए राहत मिल सकेगी। ग्राहक अब 31 अगस्त तक लोन मोरैटोरियम का लाभ उठा पायेंगें।
आरबीआई गवर्नर ने बताया कि मोरेटोरियम की समय सीमा बढ़ाकर छह महीने कर दी गई है। RBI नियम के अनुसार इस अवधि में किस्त न चुकाने पर क्रेडिट स्कोर पर कोई असर नहीं पड़ेगा और इस आधार पर बैंकों ने कर्जदाताओं की EMI को 31 अगस्त तक टाल दी।
कोरोना संकट को देखते हुए रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में 0.4 फीसदी कटौती की घोषणा की गयी, इसके बाद अब रेपो रेट 4.4 फीसदी से घटकर 4 फीसदी हो जाएगी। रिवर्स रेपो रेट घटकर 3.35 फीसदी होगी ।
ल़ॉकडाउन के मौजूदा वित्त वर्ष में जीडीपी ग्रोथ निगेटिव हो सकती है। RBI के गवर्नर शक्तिकांत कोरोना महामारी की वजह से 2020-21 में भारत की अर्थव्यवस्था में गिरावट का अनुमान दिया है।
RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि कोर इंडस्टिरीज के आउटपुट में 6.5% की कमी हुई है और मैन्युफेक्चरिंग में 21 फीसदी की गिरावट हुई है।
आरबीआई के गवर्नर ने कहा कि कोरोना के संकट के दौरान महंगाई में भी इजाफा देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि दाल की कीमतें 200 रुपये प्रति किलो तक पहुंची है। उन्होंने डिटेल में बताते हुए कहा कि लॉकडाउन के वजह से देश के 6 बड़े औद्योगिक राज्यों में बड़ी गिरावट देखी जा रही है।
आरबीआई गवर्नरशक्तिकांत दास ने कहा कि कोरोना वायरस के प्रकोप के बीच आर्थिक गतिविधियों में सुस्ती के कारण सरकार का राजस्व बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उनहोंंने बताया कि COVID-19 के प्रकोप के कारण निजी उपभोग को सबसे ज्यादा झटका लगा, निवेश की मांग ठप सा हो गया ।






