प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत अभियान को सफल बनाने में पूरा सरकारी महकमा जुटा है। स्वच्छता की तख्तियां लिए कर्मचारी से लेकर बड़े अधिकारी तक घर-घर दस्तक देकर समय समय पर जनता को सफाई के लिए प्रेरित कर रहे हैं। लेकिन खुद कितना गंभीर है ये मंगलवार को प्रखंड कार्यालय मुरलीगंज से मिली तस्वीरों से साफ हो गया। अपने पुराने स्थान से स्थानांतरित होकर प्रखंड का कार्यालय नवनिर्मित भवन में आ गया है। भवन तो चकाचक है लेकिन सीढि़यों की दीवारें और शौचालय पान की पीक से लाल व दुर्गंध से बेहाल हैं।
प्रखंड कार्यालय के प्रथम तल्ले पर विशेष पदाधिकारी के चैंबर के ठीक बगल में स्थित शौचालय की गंदगी जमा होकर दुर्गध फैला रही है। इन सब से बेखबर कार्यालय के कर्मचारी बदबू में बैठकर काम कर रहे रहे थे। शासकीय विभाग व कर्मचारी सफाई के प्रति खुद कितने सजग हैं इसकी तस्वीर क्षेत्र के सार्वजनिक सरकारी दफ्तरों में नजर आई। जब मुरलीगंज पोस्ट ने पड़ताल की तो पता चला कि यहां तो दीये तले अंधेरा है। जो सरकारी महकमा लोगों को स्वच्छता का पाठ पढ़ा रहा हैं, उन्ही के कार्यालयों में गंदगी का अंबार है। प्रखंड कार्यालय के शौचालय गंदगी से पटे हैं। ऐसे में साफ है कि स्वच्छता अभियान की जरूरत शहर से ज्यादा सरकारी दफतरों में है।






