बिना मास्क के लोग सड़को पर बैखोफ घूमते हैं।
सुबह सात बजे ही विभिन्न तरह की दुकाने खुल जाती हैं एवं समय उपरांत घंटो देरी से बंद होती है।
स्वयं को बचाने का समय आ गया है। अगर अब भी हम समय की नजाकत को नहीं समझे तो जीवन के तूफान को कोई नहीं रोक सकता। हर दिन संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। टोले – मुहल्ले, कोर्ट, समाहरणालय, एसडीओ कार्यालय सहित हर जगह कोरोना ने अपनी पहुंच बना ली है। ऐसे में कोरोना की इस कड़ी को तोड़ने की जरुरत है। इसके लिए संपूर्ण लॉकडाउन बेहद जरुरी था। लेकिन हैरत की बात यह है कि कहीं भी संपूर्ण लॉकडाउन का पालन होता नहीं दिख रहा हैं।
बता दें कि कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले को देखते हुए राज्य सरकार ने 16 से 31 जुलाई तक संपूर्ण लॉकडाउन लगाया है। लॉकडाउन अवधि के दौरान जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित समयानुसार व्यवसायीयों को दुकान खोलना एवं बंद करना रहता हैं। लेकिन मधेपुरा जिले के पूरे मुरलीगंज प्रखंड क्षेत्र के व्यवसायी अधिक कमाने के चक्कर में सुबह से शाम तक दुकाने चलाते हैं। इतना ही नही ग्राहको द्वारा खरीदारी के दौरान आपसी दूरी एवं मास्क नही लगाया जा रहा।
स्थानीय प्रशासन भी लॉकडाउन को प्रभावी बनाने में शिथिल हैं। लोगों में पुलिस का भय नही रहा। बाईक सवार बिना मास्क के फर्राटे भर रहे हैं। लॉकडाउन के सख्ती से पालन कराने को लेकर जगह-जगह पुलिस भी तैनात किये गये हैं। लेकिन इसका कोई असर नही दिख रहा हैं। जिस कारण किराना, कपड़ा सहित अन्य दुकाने व सब्जी मंडी निर्धारित समय से पहले खुलती हैं एवं समय समाप्त होने के घंटो बाद बंद होती हैं।
बिना आवश्यक काम के सड़कों पर निकले बाइक चालक दिनभर टल्ली मारते रहते हैं। प्रखंड भर में मास्क का उपयोग नहीं करने वाले लोगों से जुर्माना वसूलीकर खानापूर्ती होती हैं। आपातकालीन व आवश्यक सेवा को छोड़ अन्य तरह की गतिविधियां भी सुचारू हैं।
हलांकि कभी कभी पुलिस प्रशासन की सख्ती के बाद आवश्यक वस्तुओ की दुकानों को छोड़कर बाजारों की सभी दुकानें बंद रहती हैं। जरूरी काम होने पर ही लोग अपने घरों से बाहर निकलते हैं। मुख्य बाजारों में दोपहर में सन्नाटा पसरा रहता हैं।
सड़कों पर मालवाहक व आवश्यक सेवा के वाहनों को छोड़ इक्का-दुक्का वाहन ही नजर आते हैं। ऑटो व टैक्सी को लॉकडाउन से छूट दिए जाने के बाद भी सड़कों पर ऑटो व रिक्शा कम नजर आए। बता दें कि निजी वाहनों को अपने जिले में परिचालन की छूट है। दूसरे जिले तक की यात्रा के लिए वाहनों का अनुमति पत्र लिया जाना जरूरी किया गया है।






