अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद मुरलीगंज के कार्यकर्ताओं के द्वारा सूबे के मुखिया नीतीश कुमार द्वारा STET (शिक्षक पात्रता परीक्षा) रद्द करने के विरोध में शनिवार को काला दिवस मनाया गया। मुरलीगंज स्थित भगत धर्मशाला में छात्रों ने सोशल डिस्टनसिंग का पालन करते हुए काला पट्टा लगाकर सरकार के खिलाफ विरोध कर अपना रोष प्रकट किया।
विद्दार्थी परिषद के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य राजू सनातन और ऋषभ रंजन ने कहा कि जब सरकार द्वारा सभी तय मानकों को पूरा कर परीक्षा सम्पन्न हुआ तो फिर किन कारणों से, किनके दबाव में लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की साजिश की गई।
परिषद के विकास भार्गव और प्रकाश भगत ने कहा कि नीतीश कुमार सत्ता के नशे में पूरी तरह मदाण्ड हो गए हैं, उन्होंने शिक्षा का पूरे प्रदेश में बंटाधार किया है इसीलिए अभविप पूरे बिहार में 23 मई को काला दिवस मनाकर सरकार को चेतावनी दी कि “सरकार करे पुनर्विचार नही तो करेंगे सरकार पर विचार”
वहीं मौके पर समर राज ,सोनू पोद्दार, राजा चौधरी, अंकित आनन्द, सूरज, कौशल, नयन, पिक्कू कसेरा, कुंदन, राजेश साह, आलोक डैनी, पिंटू सहित दर्जनों छात्र शोशल डिस्टेंस में रहकर विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए ।।
आपको जानकारी के लिये बता दे की STET 2019 राज्य भर में 28 जनवरी को 317 केंद्रों पर ली गयी थी। दो पाली में हुई परीक्षा में दो लाख 47 हजार 241 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। इसमें प्रथम पाली में एक लाख 81 हजार 738 और दूसरी पाली में 65 हजार 503 परीक्षार्थी शामिल हुए थे।
ज्ञात हो कि 28 जनवरी को परीक्षा होने के बाद प्रश्न पत्र के साथ कई पहलूओं पर जांच के लिए बोर्ड ने चार सदस्यीय कमिटी गठित की थी।
कमेटी ने पेपर लीक से लेकर और भी कई अनियमित्ताओं के होने की बात स्वीकारी तथा बोर्ड से परीक्षा को निरस्त करने की अनुशंसा की थी। इसी के आलोक में बोर्ड ने एसटीईटी 2019 को रद्द कर दिया गया ।
STET 2019 परीक्षा सरकार द्वारा रद्द करने से सिर्फ मुरलीगंज ही नहीं राज्य भर के बीएड प्रशिक्षित अभियर्थीयों में आक्रोश हैं। पुरे बिहार से छात्रों के विराध प्रदर्शन की खबर आ रही हैं।






