अब पहली बार ऐसा होगा जब जनता स्वयं अपने पसंद के नगर पंचायत अध्यक्ष व उपाध्यक्ष को वोट करके चयन करेंगे। पहली बार जनता की सीधी भागीदारी होगी और मतदान से शहर का ताज किसी के सिर सजेगा। वहीं चुनाव को लेकर शहर के लोगों में उत्सुकता बढ़ गई है। चुनाव के तिथि की घोषणा होने के बाद शहर की राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है। जन धन व बल का उपयोग करने वाले काफी मायूस है। राजनीति में आने वाली नई पीढिय़ों के लिए इस पद पर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की होड़ देखी जा रही है। सोशल मीडिया पर होर्डिंग लगना शुरू हो गया है। राजनीतिक व गैर राजनैतिक संगठन के लोग भी इस पद के लिए अपना गणित फिट करने में जुट गए है। जनता भी अपने पसंद के चैयरमैन को सीधे चुनने के लिए उत्सुक हैं।
ग्रामीण क्षेत्र के लोग भी नगर चुनाव में अपना भाग्य आजमाने को है उत्सुक :
15 वार्डों को मिलाकर बने मुरलीगंज नगर पंचायत में इस बार चैयरमैन का चुनाव तो मतदाता करेंगे लेकिन, जिनको जनता चुननेवाली है उनमें चुनाव लड़ने की उत्सुकता काफी बढ़ गई है। ऐसी जानकारी मिल रही है कि इस बार नगर चुनाव में ग्रामीण क्षेत्र के कई चेहरे मैदान में उतरने वाली है। कई चेहरे वार्ड पार्षद को लेकर उतावले दिख रहे हैं तो कुछ ऐसे भी हैं जो राजनीतिक संगठन के हैं वो चैयरमैन व वॉइस चैयरमैन को लेकर चुनावी मोड में आ चुके हैं। ग्रामीण परिवेश के लोगो को धयान में रख कर ग्रामीणों से सम्बंधित विकास कार्य की बात कर क्षेत्रों में अपनी पैठ बनाने की कोशिश में जुट चुके हैं। बता दें कि नया नियम लागू होने से राजनीतिक दल से जुड़े कई कद्दावर भी प्रत्याशी बनने की तैयारी में है। कई संभावित चेहरे लोगों से संपर्क कर अपनी रणनीति में जुट गए हैं।
जातीय समीकरण पर दिया जा रहा हैं जोड़ :
चुनावी मैदान में आने वाले नए चेहरे अभी से हीं अपने अपने वार्डो में जातीय समीकरण को साधने में लग गए हैं। वार्ड में जिस जाति के अधिक वोटरों की संख्या हैं। उसमें वोटरों को प्रलोभन व सपने दिखाकर अपना दावेदारी पेस कर रहें हैं। दिन रात प्रत्यासी टोला व मुहल्ले का चक्कर लगाकर जनसंपर्क करना शुरू कर दिए हैं।






