मुरलीगंज प्रखंड क्षेत्र के भतखोरा बाजार स्थित दिशा पब्लिक स्कूल में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती समारोह पूर्वक मनाई गई। राजद के अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष गोंसाय ठाकुर के अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में राजनीतिक दलों के नेताओं, शिक्षाविदों एवं समाजसेवियों ने उनके तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कर्पूरी ठाकुर जी जननायक ही नहीं भारत रत्न थेl वहीं संबोधित करते हुए भाकपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य प्रमोद प्रभाकर ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर जी एक स्वतंत्रता सेनानी, जेपी सेनानी, जननायक, विचारक, शिक्षक एवं शोषितों पीड़ितों के मसीहा थे ,उन्होंने कहा घोर आश्चर्य का विषय है कि अब तक कर्पूरी ठाकुर जी को भारत रत्न के सम्मान से क्यों नहीं सम्मानित किया गया? श्री प्रभाकर ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर जी 1967 में बिहार के शिक्षा मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री रहते हुए बिहार में अंग्रेजी की अनिवार्यता को खत्म कर दिया, इसके चलते उनकी काफी आलोचना हुई l
1970 में मुख्यमंत्री बनने के बाद राज्य में मैट्रिक तक की मुफ्त पढ़ाई एवं उर्दू को दूसरी राजकीय भाषा का दर्जा दिया l गैर-लाभकारी जमीन का मालगुजारी टैक्स बंद कर दिया, अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा दिया l उन्होंने कहा कि कर्पूरी ठाकुर जी का पूरा जीवन संघर्षों से भरा पड़ा है, वे सही मायने में गरीबों के मसीहा थे। राजद के प्रदेश महासचिव किशोर यादव ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर जी को लोगों ने गालियां दी, अपमानित किया, बावजूद वे हार नहीं माने वंचित समाज के लिए एवं बिहार के विकास के लिए लगातार काम करते रहेl इस अवसर पर शिक्षा विद राजेश्वर प्रसाद यादव, त्रिवेणी यादव ,गुंजन कुमार मंडल, पंचायत समिति सदस्य मनोज कुमार सिंह,समाजसेवी योगेंद्र ठाकुर, त्रिलोक कुमार,भुवनेश्वरी महतो, रमेश कुमार शर्मा, भैरव साह,गुलाब पासवान, रामजी शर्मा, घनश्याम सिंह मुन्ना, विष्णुदेव मंडल,राजेंद्र प्रसाद गुप्ता,बलराम यादव, बिनोद यादव, उपेंद्र शर्मा आदि लोगों ने जननायक करपुरी ठाकुर जी को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके विचारों का भारत बनाने का संकल्प लिया l






