देश में आज से हेल्थकेयर वर्कर्स, फ्रंटलाइन वर्कर्स और बुजुर्गों को वैक्सीन की तीसरी डोज (प्रीकाशन डोज) लगाई जा रही है। प्रीकाशन डोज उन्हीं बुजुर्गों को लगाई जा रही है जिन्हें कोई गंभीर बीमारी है। मुरलीगंज में भी सोमवार से बूस्टर डोज लगनी शुरू हो गई। बूस्टर डोज के लिए प्रखंड मुख्यालय के सभा भवन में सेंटर बनाए गए हैं। फिलहाल सेहत कर्मियों (Health Care Workers), फ्रंट लाइन वर्कर्स और 60 साल से अधिक अस्वस्थ लोगों को बूस्टर डोज लगनी शुरू हुई है। वहीं मुरलीगंज बीडीओ अनिल कुमार, सीओ मुकेश कुमार सिंह व अंचल प्रधान लिपिक रामप्रवेश रजक भी सभा भवन में पहुंच कोविड की बूस्टर डोज लगवाई। बीडीओ अनिल कुमार ने लोगों से अपील की है कि वह भी वैक्सीनेशन सेंटर्स पर पहुंच कर अपनी कोविड की डोज लगवाएं ताकि कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने में मदद मिल सके।
प्रीकाशन डोज में कितना गैप होना चाहिए?
बीएमसी सुजीत कुमार शास्त्री ने बताया कि अगर आप 60 वर्ष के हैं और टीके की दोनों डोज ले चुके हैं तो दूसरी डोज और जिस दिन आप रजिस्टर कर रहे हैं उसके बीच का अंतर 9 महीने यानी (39 सप्ताह) से अधिक है तो आप इसके योग्य हैं।
कौन सी वैक्सीन लगेगी?
कोरोना की प्रीकाशन डोज वही वैक्सीन होगी जिसे पहली और दूसरी डोज के रूप में दिया गया था। सरकार ने बताया कि जिसे पहले कोविशील्ड वैक्सीन की दोनों डोज लगी हैं उसे तीसरी डोज भी कोविशील्ड की ही दी जाएगी।






