प्रखंड क्षेत्र के दर्जनों विद्यालयों में बनाए गए क्वारंटाइन सेंटर में नागरिक सुविधाएं नहीं मिलने से क्वारंटाइन किए गए लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हर रोज प्रखंड क्षेत्र के लगभग सभी क्वारंटाइन सेंटर से हंगामा की खबर सामने आ रही है।
मुरलीगंज प्रखंड के रामपुर टपड़ा पंचायत स्थित क्वारंटाइन सेंटर पर रह रहे प्रवासी ब्रजेश कुमार, रविन्द्र कुमार, अमरेश कुमार, जयराम कुमार, ललटू यादव, सनोज महतो, धीरो शर्मा , पप्पू शर्मा ,सिंटू कुमार, संतोष कुमार , सिको महतो आदि दर्जनों मजदूरों ने केंद्र पर किसी भी तरह की समुचित सुविधा नहीं मिलने का आरोप लगा रहे हैं। क्वारंटाइन सेंटर पर ना ही पर्याप्त सफाई की व्यवस्था होती है, और ना ही कोई नागरिक सुविधा ही उपलब्ध है।
पूरी रात उन्हें मच्छरों के बीच गुजारना पड़ता है। जिससे किसी दूसरे बीमारी का खतरा बना हुआ रहता है। जबकि दरी, मच्छरदानी व बिछावन मद में एक व्यक्ति पर 400 रुपये खर्च किए जाने का प्रावधान है।
क्वारंटाइन सेण्टर में रह रहे मजदुर ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि हमलोग नॉएडा में काम करते थे वहां 15 दिन से किसी तरह पैसे के अभाव में कभी कुछ खाते थे कभी नहीं। उसके बाद अब अपने घर आया तो क्वारंटाइन सेण्टर में रखा गया यहाँ भी भूखे रहना पड़ता है कभी खाना मिलता है तो कभी नहीं । पीने के पानी का भी सुविधा नहीं है. आयरन वाला गन्दा पानी पी कर किसी तरह रहना पड़ता है।
ज्ञात हो कि क्वारंटाइन सेंटर पर पहुंचे लोगों के लिए लुंगी, महिलाओं के लिए साड़ी व बच्चों के लिए कपड़े का प्रावधान है। उन्हें बाल्टी, मग व एक व्यक्ति के खाने में जितनी संख्या में बर्तनोंन का इस्तेमाल होता है उसके लिए 850 रुपये का बजट है। जबकि भोजन मद में 125 रुपये का बजट है दिन और रात के खाने के लिए 50-50 रुपये और नाश्ता के 25 रुपए खर्च करने हैं।
वहाँ रह रहे प्रवासी ब्रजेश कुमार साहित सभी मजदूरों ने बताया कि प्रशासन को रामपुर टपड़ा सेण्टर पर सुविधा उपलब्ध करवाना चाहिए, जल्द ही समस्या का समाधान नहीं होने पर अपने हक़ के लिए आंदोलन किया जायेगा ।






