एक सफल इंसान बनना हर किसी की चाहत होती है। लेकिन इसके लिए उसे जी-तोड़ मेहनत करना पड़ता है। मुरलीगंज प्रखंड क्षेत्र के जोरगामा वार्ड चार निवासी अरुण कुमार के पुत्र निखिल कुमार वर्मा ने मेहनत कर असिस्टेंट ऑडिट अफसर (गजेटेड) बन प्रखंड क्षेत्र का नाम रौशन किया। शुक्रवार को कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) सीजीएल के फाइनल रिजल्ट में निखिल का चयन हुआ है। निखिल मुरलीगंज के एक छोटे से गांव जोरगामा में रहकर सीजीएल की तैयारी की। कहते हैं ना कि अगर मन में कुछ करने की ठान लो तो उसे किसी भी तरह से पूरा किया जा सकता है। ऐसा ही निखिल के साथ भी हुआ। एक छोटे से गांव में रहने के बावजूद भी इन्होंने अपने सपने को उड़ान भरने का मौक़ा दिया। निखिल बचपन से ही मेधावी छात्र रहा है। बिहार बोर्ड के इंटरमीडिएट की परीक्षा में इन्होंने पूरे कोसी क्षेत्र में दूसरा स्थान प्राप्त किया था। पंजाब से इंजीनियरिंग करने के बाद रेलवे में जूनियर इंजीनियर के पद पर चयन हुआ। लेकिन नाम वेटिंग लिस्ट में आ जाने के बाद निखिल ने एसएससी की तैयारी शुरू कर दी। कोरोना के समय से घर पर ही निखिल ने ऑनलाइन तैयारी किया और 2022 में मेहनत रंग लाना शुरू कर दिया। पिछले साल श्रम एवं रोजगार मंत्रालय भारत सरकार में इन्हें पहली नौकरी मिली। । इस वर्ष जनवरी माह में ही निखिल का रेलवे एनटीपीसी के लेवल-5 में में चयन हुआ। जिसका नियुक्ति पत्र आना अभी बाकी है। वहीं अब एसएससी सीजीएल की परीक्षा में चयन होकर असिस्टेंट ऑडिट अफसर पद के लिए वे चुने गए हैं। निखिल ने अपने इस सफलता का श्रेय अपने माता पिता व परिजनों को दिया है। उन्होंने कहा कि मेरी मेहनत व माता-पिता, भाई व परिजनों के आशीर्वाद से ही उन्हें यह सफलता मिली है।






