बिहार में फिर नगर निकाय चुनाव की घोषणा कर दी गई है। चुनाव दो चरणों में होंगे। पहले चरण के लिए मतदान 18 दिसंबर को होगा और मतगणना 20 दिसंबर को होगी। इसी तरह दूसरे चरण के लिए मतदान 28 दिसंबर को होगा जबकि मतगणना 30 दिसंबर को होगी। मतदान सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक होगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने बुधवार को सभी जिला पदाधिकारी सह निर्वाचन पदाधिकारियों को पत्र लिखकर चुनाव संपन्न कराने का निर्देश दिया है। इसमें कहा गया है कि नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा पूर्व से आम निर्वाचन के लिए अधिसूचित 224 नगरपालिकाओं में निर्वाचन संपन्न कराया जाएगा।
नहीं होगा नया नामांकन, आवंटित चुनाव चिह्न पर ही चुनाव
आयोग के सचिव मुकेश कुमार सिन्हा के अनुसार, निर्वाचन को लेकर आयोग द्वारा सितंबर में निर्गत सभी निर्देश ही प्रभावी रहेंगे। इस बार कोई नया नामांकन नहीं होगा। पिछली बार पहले व दूसरे चरण में नामांकित उम्मीदवारों के आधार पर ही चुनाव होंगे। उम्मीदवारों को पूर्व से आवंटित चुनाव चिह्न के आधार पर ही मतदान कराया जाएगा। आयोग ने सभी जिलाधिकारियों से कहा है कि इसकी जानकारी निर्वाचन लड़ने वाले सभी अभ्यर्थियों को निर्वाची पदाधिकारी के माध्यम से उपलब्ध कराई जाए। किसी तरह का भ्रम होने पर आयोग से मार्गदर्शन लिया जा सकेगा। नगरपालिकाओं की मतगणना के बाद विधिवत परिणाम की घोषणा होते ही आदर्श आचार संहिता स्वत: समाप्त हो जाएगी। आयोग ने यह भी बताया कि पटना हाइकोर्ट द्वारा सिविल रिव्यू के दौरान डेडिकेटेड कमीशन गठित करने से संबंधित निर्देश का पालन किया गया है।
विदित हो कि इसके पहले अक्टूबर माह में दो चरणों में निकाय चुनाव कराए जाने की घोषणा की गई थी। राज्य निर्वाचन आयोग ने बीते 10 और 20 अक्टूबर को मतदान की तारीख घोषित की थी। अधिसूचना जारी होने के बाद नामांकन शुरू हो गया था। चुनाव चिह्न भी आवंटित कर दिए गए थे, मगर इसी बीच आरक्षण पर हाईकोर्ट की आपत्ति के बाद चुनाव स्थगित कर दिया गया था। पटना हाईकोर्ट ने निकाय चुनाव में ओबीसी और ईबीसी आरक्षण को सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के खिलाफ करार दिया था।






