डव जूनियर स्कूल ने मनाया आठवां वार्षिकोत्सव

रिप्पू वर्मा मुरलीगंज(मधेपुरा): शहर के झील चौक स्थित आवासीय डॉव जूनियर स्कूल का आठवां वार्षिक उत्सव धूमधाम के साथ मनाया गया। आठवें वार्षिक उत्सव के अवसर पर बच्चों के द्वारा विविध कार्यक्रम का आयोजन किया गया। स्कूल परिवार द्वारा आयोजित इस डे नाईट कार्यक्रम का स्थानीय लोगों ने खूब आनंद लिया। वार्षिक उत्सव का उद्घाटन लायंस क्लब के अध्यक्ष नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर रुपेश कुमार, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रवक्ता डॉ मानव कुमार सिंह, ट्री मैन राम प्रकाश रवि, विद्यालय के डायरेक्टर पारस सर्राफ, प्रिंसिपल राहुल मिश्रा के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। तत्पश्चात स्वागत गान की प्रस्तुति के साथ प्रारंभ हुई बच्चों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम रात के 9:00 तक चलता रहा। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिवार की ओर से अतिथियों को फलदार पौधा व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया तो वही स्वास्थ्य मंत्री बिहार के द्वारा दो बार सम्मानित हो चुके श्रृंगी ऋषि सेवा फाउंडेशन के संस्थापक सदस्य सागर यादव को सामाजिक क्षेत्र में बेहतर कार्य के लिए सम्मानित किया गया। जल जंगल बचाने की अभियान की शुरुआत कर सांसे ना होगी कम, क्योंकि पेड़ लगा रहे हैं हम का नारा गढ़ने वाले पर्यावरण प्रेमी ट्री मैन के नाम से मशहूर राम प्रकाश रवि को भी सम्मानित किया गया। इसके साथ ही मधेपुरा के चर्चित नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर संजय कुमार, खेल के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले जिला कबड्डी संघ के सचिव व अंतराष्ट्रीय प्रो कबड्डी के रेफरी अरुण कुमार और आर आर ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्कूल के निदेशक राजेश कुमार राजू सहित अन्य कई लोगों को बेहतर योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए विद्यालय के डायरेक्टर पारस सर्राफ ने बताया कि पांच बच्चों से शुरू की गई मुरलीगंज का पहला प्ले स्कूल अब अत्याधुनिक सुविधाओं से संपन्न आवासीय डव जूनियर स्कूल तक के सफर का 8 वर्ष पूरा हो गया और इसी उपलक्ष्य में आठवां वार्षिक उत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। वार्षिक उत्सव में छोटे-छोटे बच्चों ने अपनी प्रतिभा से मौजूद दर्शकों को मंत्र मुग्ध कर दिया। देश के विभिन्न जाति भाषा और उनके परिधान से परिचय कराते हुए विभिन्न राज्यों के क्षेत्रीय संस्कृति से भी रूबरू कराया गया। इसके साथ ही सामाजिक कुरीतियों और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी झांकी भी प्रस्तुत की गई।

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