केपी कॉलेज मुरलीगंज में दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का हुआ शुभारंभ

मुरलीगंज। केपी कॉलेज, मुरलीगंज में रासायनिक विज्ञान, सतत विकास और वैश्विक नवाचारों में भविष्य के रुझान विषय पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का भव्य उद्घाटन शुक्रवार को हुआ। यह संगोष्ठी 6 से 7 फरवरी तक आयोजित की जा रही है। कार्यक्रम की शुरुआत कुलगीत एवं स्वागत गीत से हुई, जिसके बाद अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन किया गया। संगोष्ठी के संयोजक एवं कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. अशोक कुमार झा ने स्वागत भाषण में कहा कि ऐसे अंतर्राष्ट्रीय आयोजन विद्यार्थियों और शोधार्थियों को वैश्विक वैज्ञानिक सोच से जोड़ते हैं। मंच संचालन डॉ. ऊषा शर्मा, डॉ. अभिजीत कुमार एवं डॉ. गरिमा त्रिपाठी ने किया। उद्घाटन सत्र में देश-विदेश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों ने अपने शोध विषयों पर व्याख्यान दिए। इंडियन केमिकल सोसायटी के पूर्व अध्यक्ष डॉ. डीसी मुखर्जी ने स्वामी विवेकानंद के विचारों के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रेरित किया। जापान की तोहोकू यूनिवर्सिटी के प्रो. मासाहिरो यमाशिता ने क्वांटम कंप्यूटर एवं मॉलिक्यूलर मैग्नेट पर शोध साझा किया। सऊदी अरब से डॉ. विमल कृष्णा बैनिक ने हरित रसायन एवं औषधीय उपयोग पर प्रकाश डाला। आईआईटी कानपुर के डॉ. गुरुनाथ रामनाथन ने जैविक प्रदूषण नियंत्रण, आईआईटी खड़गपुर के डॉ. प्रणेश चौधरी ने फोटोक्रोमिज़्म, विश्वभारती विश्वविद्यालय के डॉ. भाबातोष मंडल ने उन्नत पृथक्करण तकनीकों पर विचार रखे। शारदा विश्वविद्यालय के प्रो. एन. बी. सिंह ने ग्रीन नैनोमैटीरियल्स तथा छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालय के डॉ. कल्लोल कुमार घोष ने स्मार्ट नैनो सेंसर पर व्याख्यान दिया। ओरल प्रेजेंटेशन सत्र की अध्यक्षता बीएनएमयू मधेपुरा के प्रो. डॉ. नरेश कुमार ने की। शोध छात्रों ने पोस्टर प्रेजेंटेशन के माध्यम से अपने शोध प्रस्तुत किए। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। इस संगोष्ठी से विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों को नवीन शोध और वैश्विक नवाचारों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। दूसरे दिन भी देश-विदेश के वैज्ञानिकों के व्याख्यान होंगे।

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